Wednesday, April 1, 2009

दूरियों के दरमयान

अगर तू पास ना होती , तो मंजर कुछ और होता.

जिंदगी के इस फूल में रंग कोई और होता.
एक तू है , और तेरा खूबसूरत प्यार है,
की इतने दूर रहकर भी जिंदा है हम 
वर्ना इन सांसो की धडकनों का पैगाम कुछ और होता.


6 comments:

  1. yes bro .....these are my own lines....

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  2. arey aap to kadi aache shayar hain !!!!!!!
    pahle se hi the ya baad main ho gaye hain!!!!!!

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    1. :) waqt insaan ko kya kya nahi banata??? ganimat hai hume shayar banaya hai :)

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